2026 : ETF क्या होता है? | 2026 में ETF में इन्वेस्ट कैसे करें?
ETF Investment 2026: नए निवेशकों के लिए 2026 में ETF सबसे सुरक्षित लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट ऑप्शन साबित हो सकता है।नए निवेशकों के लिए ETF निवेश का सबसे आसान और कम खर्चीला तरीका है। ETF स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होता है और Nifty 50 या गोल्ड जैसे इंडेक्स को ट्रैक करता है। अगर आप म्यूचुअल फंड से बेहतर विकल्प ढूंढ रहे हैं, तो ETF कम फीस (0.2-0.5%) और इंट्राडे ट्रेडिंग की सुविधा देता है। यह आर्टिकल आपको बताएगा कि ETF क्या है, ETF कैसे काम करता है, ETF में Invest/निवेश कैसे शुरू करें ,ETF के प्रकार, फायदे-नुकसान और ETF में स्टेप-बाय-स्टेप निवेश कैसे शुरू करें।
जानकारी में आज
ETF फुल फॉर्म, ETF क्या होता है?
ETF का पूरा नाम Exchange Traded Fund है। यह एक प्रकार का फंड है जो स्टॉक्स, बॉन्ड्स, कमोडिटीज़ या इंडेक्स (जैसे Nifty 50, Sensex) के कलेक्शन को ट्रैक करता है। सरल शब्दों में, ETF आपको एक ही जगह पर कई एसेट्स का पोर्टफोलियो देता है, बिना अलग-अलग स्टॉक खरीदने की जरूरत।
ETF म्यूचुअल फंड की तरह पूल्ड इन्वेस्टमेंट है लेकिन स्टॉक एक्सचेंज (NSE/BSE) पर रियल-टाइम ट्रेड होता है। इसकी कीमत NAV (Net Asset Value) के आधार पर बदलती रहती है, जो अंतर्निहित एसेट्स की मार्केट वैल्यू पर निर्भर करती है।
ETF कैसे काम करता है?
ETF क्रिएशन और रिडेम्प्शन मैकेनिज्म से चलता है। अधिकृत प्रतिभागी (Authorized Participants – AP) जैसे बड़े बैंक या संस्थान, ETF यूनिट्स बनाते या रिडीम करते हैं। उदाहरण: गोल्ड ETF में AP असली गोल्ड देकर ETF यूनिट्स लेते हैं, और बेचने पर गोल्ड वापस मिलता है। इससे ETF की कीमत हमेशा असली वैल्यू के करीब रहती है।

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पैसिव ETF: इंडेक्स को ट्रैक करते हैं (जैसे UTI Nifty 50 ETF)।
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एक्टिव ETF: फंड मैनेजर स्टॉक चुनते हैं।
ट्रेडिंग घंटों में खरीद-बिक्री होती है, इसलिए लिक्विडिटी हाई रहती है।
ETF के प्रकार: कौन सा चुनें?
ETF कई तरह के होते हैं, हर निवेश लक्ष्य के लिए अलग:
| ETF प्रकार | क्या ट्रैक करता है | औसत रिटर्न (2026 अनुमान) | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| इक्विटी ETF | Nifty/Sensex इंडेक्स | 12-18% | Nippon India ETF Nifty BeES |
| गोल्ड ETF | सोने की कीमत | 10-15% | SBI Gold ETF |
| बॉन्ड ETF | सरकारी/कॉर्पोरेट बॉन्ड | 6-8% | Bharat Bond ETF |
| सेक्टोरल ETF | IT, बैंकिंग, EV सेक्टर | 15-25% (हाई रिस्क) | ICICI Prudential IT ETF |
| इंटरनेशनल ETF | NASDAQ 100, S&P 500 | 15-20% | Motilal Oswal NASDAQ 100 |
Tips : नए निवेशक इक्विटी या गोल्ड ETF से 2026 में अपने निवेश को शुरू कर सकते हैं ।
2026 में ETF में इन्वेस्टमेन्ट/निवेश कैसे शुरू करें? स्टेप बाय स्टेप गाइड
ETF में इन्वेस्ट करना बहुत आसान है, ETF में invest/निवेश आप अपने डीमैट अकाउंट से ही कर सकते हैं :
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डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलें: Zerodha, Groww या Upstox पर फ्री में KYC पूरा करें।
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ETF चुनें: Groww ऐप पर “ETF” सर्च करें, Nifty Bees या Gold ETF देखें।
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फंड ट्रांसफर करें: बैंक से अकाउंट में पैसे ऐड करें।
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खरीदें: मार्केट ऑर्डर से ETF यूनिट्स खरीदें (जैसे 1 यूनिट ₹250 से शुरू)।
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मॉनिटर करें: TradingView ऐप से प्राइस ट्रैक करें, SIP सेटअप करें।
न्यूनतम निवेश: ₹500 से शुरू। ब्रोकरेज सिर्फ 0.01%। टैक्स: लॉन्ग टर्म (1 साल+) पर 12.5%।
ETF में Investment के फायदे और नुकसान क्या हैं ?
ETF निवेश के कई प्रमुख लाभ हैं जो इसे शुरुआती और लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं:
ETF में निवेश के फायदे
- डाइवर्सिफिकेशन: एक ETF से कई स्टॉक्स, सेक्टर या एसेट्स (जैसे Nifty 50) कवर हो जाते हैं, सिंगल स्टॉक रिस्क कम।
- कम लागत: Expense Ratio सिर्फ 0.05-0.5%, म्यूचुअल फंड (1-2%) से सस्ता, लॉन्ग टर्म बचत।
- हाई लिक्विडिटी: स्टॉक एक्सचेंज पर रियल-टाइम ट्रेड, पूरे दिन खरीद-बिक्री।
- ट्रांसपेरेंसी: कोई छिपी फीस नहीं।
- टैक्स एफिशिएंट: कम कैपिटल गेन टैक्स, डिविडेंड री-इन्वेस्ट।
ETF में निवेश के नुकसान
ETF के कुछ जोखिम भी हैं, जिन्हें समझना जरूरी:
- मार्केट रिस्क: इंडेक्स गिरा तो ETF भी गिरेगा, कोई एक्टिव मैनेजमेंट नहीं।
- ट्रेडिंग लागत: ब्रोकरेज और इंट्राडे प्राइस उतार-चढ़ाव से गलत निर्णय।
- कम डिविडेंड: इंडेक्स ट्रैकिंग से स्थिर आय कम।
- लिक्विडिटी रिस्क: लो वॉल्यूम ETF में बिक्री मुश्किल।
- ट्रैकिंग एरर: अंतर्निहित इंडेक्स से थोड़ा अंतर।
ETF vs म्यूचुअल फंड में अंतर क्या है? ETF vs Mutual Fund
| विशेषता | ETF | म्यूचुअल फंड |
|---|---|---|
| ट्रेडिंग | स्टॉक एक्सचेंज पर रियल-टाइम | दिन के अंत NAV पर |
| फीस | बहुत कम | 1-2% |
| मिनिमम इन्वेस्ट | 1 यूनिट | ₹500-5000 |
| मैनेजमेंट | ज्यादातर पैसिव | एक्टिव |
2026 के लिए ETF Investment टिप्स
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50% पोर्टफोलियो ETF में रखें।
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SIP से नियमित निवेश करें।
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गोल्ड ETF इन्फ्लेशन से बचाव।
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NASDAQ ETF से ग्लोबल एक्सपोजर।
निष्कर्ष:
आशा करता हूँ आपको ETF निवेश के फायदे, ETF क्या होता है ? और ETF में invest कैसे करें सवालों का जवाब मिल गया होगा। ETF निवेश कम लागत, डाइवर्सिफिकेशन और हाई लिक्विडिटी के कारण 2026 में सबसे अच्छा विकल्प है, जो नए निवेशकों को लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन देता है। ETF के फायदे जैसे ट्रांसपेरेंसी और टैक्स एफिशिएंसी मार्केट रिस्क और ट्रेडिंग लागत जैसे नुकसान पर भारी पड़ते हैं।
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