स्टॉक मार्केट क्या है? IPO, Bearish-Bullish Market

Stock मार्केट क्या है?

पैसा हर इंसान कमाना चाहता है, अमीर सबको बनना है , कोई गरीबी में नहीं जीना चाहता फिर वो चाहे आप हों  या  मैं। कोई नौकरी करके पैसा कमाना चाहता है, तो कोई  बिज़नेस करके, तो कोई स्टॉक मार्केट क्या है ? Stock Market kya hai  सवाल का जवाब  पाकर  ,उसमे निवेश करके धनवान बनना चाहता है।पैसा  कमाने की आज तक कोई सीमा नहीं तय हो पाई है। शायद इसीलिए सत्य ही कहा भी गया है –

“पैसा है तो लोग पूछते हैं कैसा है”

पैसा आपकी जरूरतों को पूरा करने वाला एक ऐसा साधन है जिसके पीछे आज पूरी दुनिया दौड़ भाग कर रही है। पैसो से ही हम अपने परिवार की जरूरतों और सपनो को पूरा कर सकते हैं।

आज के अपने इस ब्लॉग पोस्ट में स्टॉक मार्केट क्या है? Stock Market in Hindi  एवं इससे जुड़ी बेसिक जानकारी जैसे  Share market कैसे काम करता है ? आपके समक्ष लाने का प्रयास कर रहा हूँ। हर किसी ने SHARE MARKET /STOCK MARKET का नाम कहीं न कहीं , किसी न किसी जगह पर जरूर  सुना है पर आज भी छोटे शहरों या कस्बों में रहने वाले लोगों के पास शेयर बाजार क्या है? या Stock Market kya hai?  से जुड़ी पर्याप्त जानकारी नहीं है। इसके बारे में जानकारी कुछ ही लोगों के पास है और वे इसका लाभ उठा रहे हैं।

निवेश करने से पहले स्टॉक मार्केट क्या है? What is Stock Market? जैसे सवाल का जवाब होना और इसके पहलुओं को समझना बहुत महत्वपूर्ण है।

शेयर बाजार भी पैसा कमाने का एक जरिया है, स्टॉक मार्केट से पैसा कैसे कमाएं या स्टॉक मार्केट Stock market में पैसा कैसे लगाएं इससे पहले हमें नीचे लिखे पॉइंट्स के बारे में जानकारी लेना ज्यादा जरूरी है।

शेयर मार्केट क्या है ? इसे समझने से पहले आइए ये जानते हैं कि शेयर य इक्विटी (Equity) क्या होता है?

स्टॉक मार्केट क्या है ?

फाइनेंशियल तौर पर कंपनी या फर्म का वो हिस्सा जिसे आप खरीद कर उस कंपनी के हिस्सेदार बन सकते हैं और भविष्य में उस हिस्से को बेच सकते हैं, शेयर या  Equity इक्विटी कहलाता है।ये शेयर अलग-अलग कंपनियों से संबंधित हैं जो शेयर बाजार में विभिन्न एक्सचेंजो पर सूचीबद्ध  होते हैं।

शेयर दो प्रकार का होता है

  1.     कॉमन शेयर Common Share–

वह शेयर जो आम पब्लिक, हमारी आपकी की खरीद फरोख्त के लिए होते हैं। किसी कंपनी का कॉमन शेयर होल्डर बनने पे आपको कुछ वोटिंग राइट जैसे बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर चुनने का राइट मिलता है।कॉमन शेयर होल्डर को डिविडेंड मिलने की कोई गारंटी नहीं होती । (आपको ऐसा लेटर मिलेगा)

Investors Invitation Letter

  1.     प्रिफर्ड शेयर Preferred Share –

कंपनी अपने मित्र निवेशकों, प्रमोटर्स और चुनिंदा निवेशकों को कुछ प्रेफरेंस शेयर निर्धारित करती हैं। इनका सम्बन्ध मार्केट शेयर प्राइस से नहीं होता।प्रेफरेंस शेयर धारकों को डिविडेंड इक्विटी शेयर धारकों से पहले दिया जाता है और डिविडेंड का मिलना तय होता है। दिए जाने वाले डिविडेंड DIVIDEND  (मिलने वाला प्रॉफिट) की वैल्यू पहले से फिक्स होती है।

उम्मीद है आपको Equity इक्विटी या शेयर टर्म की एक मोटी-मोटी जानकारी हो गई होगी।अब शेयर बाजार को समझना थोड़ा आसान हो जाता है।

शेयर बाजार दो शब्दों से मिलकर बना है –

शेयर +  बाजार (लिस्टेड कंपनियों का बाजार) +  मार्केट

बाजार, जैसा की आप सभी को मालूम है उस जगह को कहते हैं जहां चीज़ों की खरीद-फरोख्त की जाती है।  

शेयर बाजार वो जगह है जहां पर रोज शेयर य स्टॉक्स, बांड्स, सिक्योरिटीज की खरीद-फरोख्त की जाती है। 

भारत में 2  प्रकार की मार्केट हैं –

  • प्राइमरी मार्केट Primary Market
  • सेकेंडरी मार्केट Secondary Market
प्राइमरी मार्केट –

प्राथमिक बाजार एक ऐसा बाजार है, जिसमें धन जुटाने के लिए कॉर्पोरेट्स नई सिक्योरिटीज को जारी करते हैं। जो कंपनी अपने शेयर जारी करती है, उसे जारीकर्ता  ISSUER कहा जाता है और जनता को शेयर जारी करने की प्रक्रिया को सार्वजनिक निर्गम या आरंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (IPO) के रूप में जाना जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में विभिन्न बिचौलियों जैसे व्यापारी बैंकर, बैंकर टू द इशू, अंडरराइटर और रजिस्ट्रार टू द इशू शामिल हैं। ये सभी बिचौलिये सेबी के पास पंजीकृत हैं।

सेकेंडरी मार्केट – हम  Share/Stock Market वास्तव में इसी को कहते है।

सेकेंडरी मार्केट वह जगह है जहां प्राथमिक बाजार में जारी सिक्योरिटीज को स्टॉक एक्सचेंजों – बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और अन्य पर खरीदा और बेचा जाता है। बीएसई BSE  और एनएसई NSE  भारत में 1,25,18,954 करोड़ के बाजार पूंजीकरण और क्रमशः 12,282,127 करोड़ रुपये के साथ सबसे व्यापक रूप से कारोबार करने वाले  एक्सचेंज हैं।

Share Market के कार्य  :-

  • शेयर बाजार की सबसे महत्वपूर्ण कार्य विभिन्न प्रतिभूतियों के लेन-देन की व्यवस्था करना|
  • यह निवेशकर्ताओं एवं कम्पनियों को शेयर  के क्रय-विक्रय करने का  प्लेटफार्म प्रदान करता है|
  • शेयर बाजार दैनिक आधार पर विभिन्न शेयर की कीमतों से अवगत कराता है ताकि विभिन्न निवेशकर्ताओं को मुल्यों की सही जानकारी रहे|
  • इसके अलावा यह विभिन्न प्रकाशनों द्वारा विभिन्न इच्छुक पक्षकारों को अन्य कई महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराता है|
  • शेयर बाजार विभिन्न प्रतिभूतियों के लेनदेन के विभिन्न नियमों, उपनियमों आदि का निर्धारण करते हैं|
  • ताकि प्रतिभूति व्यवहार उचित प्रकार से एवं सुरक्षित तरीके से हो सके|
  • शेयर बाजार सूचीबद्ध कंपनियों के अंतिम लेखों का निरीक्षण भी करते हैं, ताकि निवेशकों के हितों की अनदेखी न हो|

Share Market  या स्टॉक मार्केट कैसे काम करता है?

आइए अब ये जानते हैं की स्टॉक मार्केट कैसे काम करता है? स्टॉक मार्केट का काम करना कई घटकों पर आधारित-

  1.     स्टॉक एक्सचेंज का योगदान। 
  2.     कंपनी की लिस्टिंग होना। 
  3.     स्टॉक एक्सचेंज बोर्ड (SEBI) का योगदान। 
  4.     स्टॉक मार्केट में निवेश करने के लिए कदम। 
इन सभी बिंदुओं का निष्कर्ष है –

कंपनियां अपने शेयर की खरीद-फरोख्त शुरू करने के लिए स्टॉक एक्सचेंज बोर्ड सेबी (SEBI) की मदद से अपनी स्टॉक की लिस्टिंग स्टॉक मार्केट में कराती हैं। स्टॉक मार्केट वह मूलभूत संरचना है जहां शेयर की खरीद-फरोख्त की जाती है, ब्रोकर और निवेशक एक जगह मिलते हैं। 

कंपनियां अपने शेयर की लिस्टिंग कराने के लिए आईपीओ (IPO)- इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग की मदद लेती हैं।कंपनी SEBI के साथ मिलकर एक दस्तावेज तैयार कराती है जिसमे शेयर प्राइस और अन्य डिटेल्स की बारे में जानकारी दी होती है। 

आईपीओ (IPO) के जरिए कंपनियां अपने शेयर की एक प्राइस बैंड पर बोली लगवाती हैं और उसके बाद निवेशकों को शेयर जारी करती हैं,जो उस बोली में सफल होते हैं। असफल इन्वेस्टर को दोबारा से शेयर खरीदने का मौका शेयर क एक्सचेंज में लिस्ट होने के बाद फिर से मिलता है।जिसका प्राइस बोली वाले प्राइस से ज्यादा या कम हो सकता है। 

IPO क्या है ?

जब एक कंपनी अपने समान्य स्टॉक या शेयर को पहली बार आम पब्लिक Public के लिए जारी करती है तो उसे आईपीओ, इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO ) कहते हैं।

IPO क्या है ?
IPO क्या है ?

कम्पनियां IPO क्यों लातीं हैं ?

  • जब किसी कंपनी को अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता होती है तो वह आईपीओ जारी करती है।
  • कंपनी IPO उस वक्त भी जारी कर सकती है जब उसके पास धन की कमी हो, वह बाजार से कर्ज लेने के बजाय आईपीओ से पैसा जुटाना ज्यादा बेहतर समझती है।
  • कंपनी की विस्तार योजना जब होती है तब वे IPO लाती हैं ।

स्टॉक या शेयर प्राइस ऊपर-नीचे कैसे होता है ?

मार्केट की भाषा में शेयर का बीयरिश Bearish  या बुलिश Bullish  होना।

बेयरिश Bearish मार्केट, क्या और क्यों?

जिस तरह BEAR भालू अपने शिकार पर ऊपर से नीचे की तरफ हमला करके नीचे गिराता है, उसी तरह जब इंडस्ट्री शेयरों की कीमतों में गिरावट दिखाई पड़ती है उसे Bearis Market से परिभाषित किया जाता है।

Bearish Market - Bullish Market
बेयरिश मार्केट – बुलिश मार्केट

बुलिश Bullish मार्केट,क्या और कैसे ? 

Bull जिस प्रकार अपने शिकार को नीचे से उठा के हवा में उछालता है,उसी प्रकार जब इंडस्ट्री  शेयर का प्राइस ऊपर जाता है अधिक मात्रा में खरीदारी होने के कारण उसे Bullish market कहते हैं।  

आईपीओ (IPO) के टर्म में –

शेयर प्राइस का ऊपर या निचे होना ,“Demand & Supply” के सिद्धांत पर आधारित है।

यदि शेयर बिडिंग करने वालों की संख्या लिस्टेड शेयर नंबर से ज्यादा होगी तो प्राइस ऊपर जाएगा और यदि बिडिंग करने वालों की संख्या कम है तो शेयर प्राइस कंपनी द्वारा SEBI के डॉक्यूमेंट पर सुनुश्चित प्राइस पर रहेगा या थोड़ा कम होगा।

पहले से लिस्टेड कंपनियों के टर्म में –इस कंडीशन में शेयर प्राइस को प्रभावित करने  वाले कई कारण हो सकते हैं, जैसे –

  • कंपनी की गुडविल।
  • कंपनी का मैनेजमेंट। 
  • कंपनी की ब्रांड वैल्यू और बिज़नेस स्ट्रक्चर। 
  • कंपनी की प्रॉफिट-लोस्स रिपोर्ट। 
  • बाजार के हिसाब से खुद को ढालने की छमता। 
  • कंपनी की प्रोडक्ट क्वालिटी, सर्विस और वैल्यू।
  • शेयर प्राइस पर देश की सरकार द्वारा लिए फैसले और मौसम भी अपना असर डालते हैं।
  • इन्वेस्टर्स का सेंटीमेंट भी एक तरह का कारण है। 

अगर आप शेयर मार्केट की मूलभूत बातों को समझना चाहते हैं तो शुरुआत अपने बचत खाता के प्रबंधन से करने होगा। चूँकि, शेयर बाजार में लाभ और नुकसान दोनों शामिल है, इसलिए अपने मेहनत की जमा-पूँजी को प्रबंधित करना आना चाहिए।


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यदि आप Share Market  में प्रवेश करने की योजना बना रहे हैं तो आपको “निवेश (investment )” एवं “सट्टे (Speculation)” के अंतर की समझ होनी आवश्यक है। Share Market के अपने निर्धारित नियम, जोखिम और रिटर्न  है।

साथ ही आपको निवेश करने का उद्देश्य, रिटर्न की संभावना, जोखिम लेने की क्षमता, बाजार की समझ, ब्रोकर पर निर्भरता का स्तर जैसे महत्वपूर्ण बातों को जरूर नोट करना चाहिए।

BEGINNERS के लिए शेयर बाजार की 8 सर्वश्रेष्ठ किताबें-

  1. इंटेलिजेंट इन्वेस्टर
  2. रिच डैड पुअर डैड
  3. थिंक एंड ग्रो रिच
  4. लर्न टू अर्न
  5. द वारेन बुफे वे
  6. द Dhando इन्वेस्टर
  7. द एजुकेशन ऑफ़ वैल्यू इन्वेस्टर
  8. बेबीलोन का सबसे अमीर आदमी

निष्कर्ष:

शेयर मार्केट बहुत विस्तृत विषय है उम्मीद करता हूँ कि अपने पिछले ब्लॉग पोस्ट की तरह इस ब्लॉग पोस्ट स्टॉक मार्केट क्या है ? What is Share Market? IPO IPO क्या है? के द्वारा आप सभी को स्टॉक मार्केट की बेसिक  जानकारी पहुँचाने में सफल रहा हूँ, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

अगर आपको मेरे द्वारा दी गई  IPO, स्टॉक मार्केट क्या है? की जानकारी पसंद आई है तो कृपया इसे नीचे दिए सोशल platform के जरिए शेयर करें ताकि ये जानकारी औरो तक भी पहुंच सके।

डिस्क्लेमर :

इसमें निहित जानकारी प्रकृति में सामान्य है और केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यहां कुछ भी निवेश या वित्तीय या कराधान सलाह के रूप में नहीं किया जाना चाहिए और न ही किसी वित्तीय उत्पाद के लिए निमंत्रण या आग्रह या विज्ञापन के रूप में माना जाना चाहिए।

5 thoughts on “स्टॉक मार्केट क्या है? IPO, Bearish-Bullish Market

  • November 28, 2020 at 2:22 pm
    Permalink

    Bahut acha blog bhai.. keep it up….👌

    Reply
  • November 28, 2020 at 2:31 pm
    Permalink

    bahut badiya ek dam asaan bhasa me 👍🏻

    Reply
  • November 28, 2020 at 4:30 pm
    Permalink

    इतनी सामान्य और सरल शब्दो मे अभी तक कोई ब्लॉग पे नही पढ़ा ऐसे ही निरंतर लिखते रहिये और बढ़ते रहिये

    Reply
  • December 18, 2020 at 5:47 pm
    Permalink

    Aapki website ka content bahut accha hai. Aapke yeh post bhi bahut acchi likhi hai or helpful bhi. Thanks for sharing good information with us

    Reply
    • December 18, 2020 at 5:50 pm
      Permalink

      शुक्रिया आपका। मकसद भी यही है

      Reply

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