CAG क्या है ? | CAG के कार्य और शक्तियाँ क्या हैं ?

आप सभी लोगों ने CAG के बारे में सुना ही होगा पर बहुत कम लोगों को इसकी पूरी जानकारी है। इस ब्लॉग आर्टिकल  के माध्यम से आज  हम आप लोगो को CAG क्या है? What is CAG in Hindi, Full Form of CAG, कार्य और शक्तियां की पूरी जानकारी देंगे जिससे आपको अलग अलग ब्लॉग्स पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हमने पूरी कोशिश की है कि आपको CAG से जुड़ी पूरी जानकारी सरल तरीके से दी जाये , तो चलिए जानते हैं।

CAG के बारे में आजादी के बाद डॉ भीमराव अम्बेडकर ने कहा था

भारत का नियंत्रक और महालेखापरीक्षक (CAG-कैग) संभवतः भारत के संविधान का सबसे महत्त्वपूर्ण अधिकारी है। वह ऐसा व्यक्ति है जो यह देखता है कि संसद द्वारा अनुमन्य खर्चों की सीमा से अधिक धन खर्च न होने पाए या संसद द्वारा विनियोग अधिनियम में निर्धारित मदों पर ही धन खर्च किया जाए।

CAG-kya-hai-CAG-ke-Karya-Adhikar-kya-Hain

CAG का इतिहास , CAG की स्थापना कब हुई? , History of CAG of India in Hindi  

CAG क्या है ? इस सवाल के जवाब से पहले आइये जानते हैं इसके इतिहास के बारे में। CAG के इतिहास के बारे में बात करे तो ,CAG 1858 में महालेखाकार की स्थापना की गई थी। ठीक उसी वर्ष जब ईस्ट इंडिया कम्पनी से भारत का प्रशासनिक नियंत्रण अपने हाथो में ले लिया था। 1860 में सर एडवर्ड ड्रमंड को पहले ऑडिटर जनरल के रूप में नियुक्त किया गया,जिसके बाद भारत के महालेखापरीक्षक को भारत सरकार का लेखा परीक्षक और महालेखाकार कहा जाने लगा।

CAG का भारतीय संविधान के अनुच्छेद 148 ,149 150,151 ,279 और तीसरे अनुच्छेद और छठे अनुच्छेद में वर्णन किया गया है। 

वर्ष 1866 में इस पद का नाम बदलकर नियंत्रक महालेखा परीक्षक कर दिया गया और वर्ष 1884 में इसे भारत के नियंत्रक और महालेखापरीक्षक के रूप में फिर से नामित किया गया। भारत सरकार अधिनियम, 1919 के तहत महालेखापरीक्षक को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर दिया गया क्योंकि इस पद को वैधानिक दर्जा दिया गया था।वर्ष 1936 के लेखा और लेखा परीक्षा आदेश ने महालेखापरीक्षक के उत्तरदायित्वों और लेखा परीक्षा कार्यों का प्रावधान किया।यह व्यवस्था वर्ष 1947 तक अपरिवर्तित रही। स्वतंत्रता के बाद भारतीय संविधान के अनुच्छेद 148 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा एक नियंत्रक और महालेखापरीक्षक नियुक्त किये जाने का प्रावधान किया गया। 1976 में CAG को लेखांकन के कार्यों से मुक्त कर दिया गया। (What is CAG in Hindi)

CAG का Full form क्या होता है? Full form of CAG in Hindi

CAG का फुलफॉर्म भारत के नियंत्रक और महालेखापरीक्षक (Comptroller & Auditor General of India-CAG) होता है।CAG को संसद की लोक लेखा समिति का ‘आँख व कान’ भी कहते है |

CAG का कर्तव्य क्या है ?  Responsibility of CAG 

CAG का यह कर्तव्य है कि वह प्रत्येक राज्य तथा संघ शासित प्रदेशों की प्राप्तियों और व्यय की लेखापरीक्षा करे। CAG  की लेखापरीक्षा रिपोर्ट संसद या राज्य या संघ शासित प्रदेश जैसा भी मामला हो, के विधानमण्डल के समक्ष रखी जाती है। CAG के कर्तव्यों का विस्तार विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार सरकारी कंपनियों, निगमों तथा निकायों और प्राधिकरणों की लेखापरीक्षा के लिये भी किया गया । 

CAG किनका Audit करता है ?

CAG भारतीय संविधान के द्वारा स्थापित एक प्राधिकारी है जो भारत सरकार तथा सभी प्रादेशिक सरकारों के सभी तरह के लेखों का अंकेछण करता है। वह सरकार के स्वामित्व वाली कम्पनियों का भी अंकेक्षण करता है।

List of Comptroller and Auditors General CAG of India
S. No CAG of India Year Tenure Began  Year Tenure E nded
1 V. Narahari Rao 1948 1954
2 A. K. Chanda 1954 1960
3 A. K. Roy 1960 1966
4 S. Ranganathan 1966 1972
5 A. Bakshi 1972 1978
6 Gian Prakash 1978 1984
7 T. N. Chaturvedi 1984 1990
8 C. G. Somiah 1990 1996
9 V. K. Shunglu 1996 2002
10 VN Kaul 2002 2008
11 Vinod Rai 2008 2013
12 Shashi Kant Sharma 2013 2017
13 Rajiv Mehrishi 2017 2020
14 Girish Chandra Murmu 2020

आजादी से पहले भारत के CAG Comptroller and Auditors General की पूरी लिस्ट के लिए – Click Here

CAG के कार्य/काम और शक्तियां Work and Power of CAG 

एक CAG को निम्नलिखित तरीके से अंकेछण करने के अधिकार प्राप्त होते है ;-

  • संविधान का अनुच्छेद 148 से 151
  • CAG  (कर्त्तव्य, शक्तियाँ और सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1971
  • महत्त्वपूर्ण निर्णय
  • भारत सरकार के निर्देश
  • लेखा और लेखा-परीक्षा विनियम, 2017
  1. CAG भारत केप्रत्येक राज्य, केंद्रशासित प्रदेश के विधानसभा की संचित निधि से संबंधित खातों के सभी प्रकार के खर्चों का परीक्षण करता है।
  2. केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के सभी ट्रेडिंग, विनिर्माण, लाभ- हानि खातों, बैलेंस शीट और अन्य अतिरिक्त खातों का ऑडिट करता है।
  3. राष्ट्रपति या राज्यपाल द्वारा आदेशकिये जाने पर किसी अन्य प्राधिकरण के खातों का ऑडिट करता है, जैसे- कोई स्थानीय निकाय।
  4. संबंधित कानूनों द्वारा आवश्यक होने पर वह केंद्र या राज्यों के राजस्व से धन प्राप्त करनेवाले सभी निकायों, प्राधिकरणों, सरकारी कंपनियों, निगमों और निकायों की आय-व्यय का परीक्षण करता है।
  5. भारत व राज्य के आकस्मिक निधि व सार्वजानिक खाते द्वारा होने वाले खर्च का भी परिक्षण कर सकता है |
  6. CAG केंद्र और राज्यों के खाते जिस भी प्रकार में रखे जाएंगे, उसके संबंध में राष्ट्रपति को सलाह देता है।
  7. CAG केंद्र के खातों से संबंधित सभीऑडिट रिपोर्ट को राष्ट्रपति को सौंपता है, जो संसद के दोनों सदनों के सामने रखी जाती है।
  8. एक CAG ,संसद की लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) के मार्गदर्शक और एकसलाहकार के रूप में भी कार्य करता है।
  9. एक CAG किसी भीराज्य के खातों से संबंधित अपनी ऑडिट रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपता है, जो राज्य विधानमंडल के सामने प्रस्तुत की जाती है।
  10. एकCAG नियुक्ति के बाद उसकेवेतन और अन्य सेवाओं में बदलाव नहीं किया जा सकता है। 

यह भी पढ़ें

सेबी (SEBI) क्या है?

RBI क्या है?

Digital Gramin Seva Kya Hai? || DGS Registration Process


CAG को कैसे हटाया जाता है? How to remove a CAG 

पहले तो ये जानते है की इनकी नियुक्ति कौन करता है ? CAG को राष्ट्रपति की अनुमति या वारंट द्वारा नियुक्त किया जाता है और इसका कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक होता है। एक बार यदि CAG के पद से इस्तीफा दे दिया हो तो उसके बाद वह भारत सरकार या किसी भी राज्य सरकार के अधीन किसी भी कार्यालय का पदभार नहीं ले सकते। हालांकि सांसद, विधायक बनने पर कोई रोक नहीं है। 

CAG को राष्ट्रपति द्वारा केवल संविधान में दर्ज प्रक्रिया के अनुसार हटाया जा सकता है, जो कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के तरीके जैसी है। यह करना बहुत ही कठिन है। इसके लिए संसद को दोनों सदनों में अलग-अलग दो तिहाई (1 /3 )की बहुमत से हटाने का प्रस्ताव पास करवाना होता है। आज तक ऐसा कभी भी नहीं  हुआ है।  एक CAG को पद से हटाने के लिए बहुत ही कठिन संविधानिक प्रक्रिया ही अपनाई जा सकती है, यह मुख्य न्यायधीश को हटाने के समान ही है। 

भारत के वर्तमान नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक CAG  कौन है? Current CAG of India in Hindi

वर्तमान समय में भारत के CAG नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक श्री गिरीश चन्‍द्र मुर्मू जी हैं जो इससे पहले जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल भी थे । इन्होने  8 अगस्त 2020 को भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।

 

निष्कर्ष : 

आज आप लोगो को हमने CAG क्या है? What is CAG in Hindi? CAG full form in hindi , कार्य और शक्तियां के बारे में पूरी महत्त्वपूर्ण जानकारिया देने की पूरी कोशिश की है। 
आशा करता हूँ की आप लोगो को हमारे इस आर्टिकल से कुछ  सहायता जरूर मिली होगी। ऐसे ही बहतरीन जानकारियों के लिए पढ़ते रहिये जानकारी4U और यदि आपके मन में इससे सम्बंधित कोई भी प्रश्न हो तो comment करके अपना सुझाव जरूर दे। 

धन्यवाद। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *