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Section 80C की जानकारी जो मदद करे आपका Income Tax बचाने में!

नमस्ते दोस्तो, आप सभी ने आयकर Income Tax के बारे में सुना ही है। आपके अगल बगल कुछ गिने चुने लोगों के पास ही Income Tax एवं इससे जुड़े कुछ सवाल जैसे Income Tax kaise Bachayen, Section 80C kya hai,Income Tax में छूट के उपाय क्या क्या हैं? की पूरी जानकारी होती है। आज का ब्लॉग आर्टिकल उनसभी लोगों के लिए जरूरी है जो आयकर यानि की Income Tax भरते हैं या आगे चलकर भरेंगे क्युकी आज हम  आपको बताएँगे की कैसे आप अपने आयकारो Income Tax को वैधानिक तौर पर  बचा सकते है। हम इस आर्टिकल में आप लोगो को बताएंगे की Income Tax में  Section 80C , 80ccc, 80ccd क्या है?धारा 80 सी आयकर अधिनियम 1961, धारा 80cc इनकम टैक्स क्या है? 80c धारा के तहत कर कटौती कैसे होती है? 80c के कटौती के तहत कौन योग्य होता है?

80ccd क्या है और इस कटौती के लिए कौन कौन योग्य है? धारा अधिनियम 80ccd के तहत सारे खंड क्या क्या है ? इन सारे सवालों के सटीक जवाब आप सब को इस एक आर्टिकल में प्राप्त होंगे , तो चलिए जानते हैं। 

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Section 80CC Income Tax के बारें में संपूर्ण जानकारी in Hindi 

धारा 80सी, 80सीसीसी और 80सीसीडी के तहत आप अपनी कर योग्य आय(taxable income) को कम कर सकते हैं। प्रत्येक वित्तीय वर्ष (Financial year), हम अपने करों को दाखिल करते समय उन्हें बचाने के तरीकों की तलाश करते हैं। लेकिन सबसे पहले हमें यह समझना होगा की धारा 80C, 80CCC और 80CCD के तहत कर कटौती क्या है? और कैसे होती है?  जिसका आप करदाता के रूप में दावा कर सकते हैं।

भारत में एक करदाता के रूप में, हम सभी अपने करों को बचाने और अपनी कर कटौती को कम करने के लिए विभिन्न तरीकों की तलाश करते हैं। धारा  Section 80C, 80CCC और 80CCD के तहत कर कटौती का दावा करने का लाभ यह है की इससे आपकी कर योग्य आय (Taxable Income)और कर व्यय (Tax Expances) को कम किया जा सकता है। हममें से अधिकांश लोगों के पास टैक्स बचाने के बारे में एक सामान्य विचार है, हालाकि जब इन टैक्सों को बचाने की बात आती है तो हम मुश्किल का सामना करते हैं।

एक करदाताओ के रूप में, सबसे व्यापक रूप से, ज्ञात कर-बचत विकल्प (Known Tax Saving Options) ,आयकर अधिनियम की धारा 80सी के अंतर्गत है । हालाकि, अधिकांश सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने के उत्साह में, ऐसे अवसर आते हैं जब लगाया गया कर अत्यधिक होता है और व्यक्तियों को व्यक्तिगत और इत्मीनान से गलत विधियों पर खर्च करने  के लिए प्रयोज्य आय (disposable income) से वंचित करता है। यहां भारत में करो के प्रकार के लिए एक सांक्षिप्त जानकारी  दी गई है। जो आयकर अधिनियम भारत के अनुसार आपको, आपकी कर योजना में सहायता करेगी।

धारा 80C आयकर अधिनियम 1961 के तहत कर कटौती

इनकम टैक्‍स एक् 1961 की धारा 80सी के तहत, आप कर-बचत उपकरणों और निवेशों से अपनी कर योग्य आय पर रु. 1,50,000 तक की कटौती का दावा करने के पात्र हैं। कोई भी व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) इस धारा के तहत कटौती का दावा करने के लिए पात्र है।

निवेश जो धारा 80सी के तहत कटौती के लिए योग्य हैं, नीचे बताए गए हैं:

  1. टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट:– टैक्स छूट का ज्यादा फायदा और high rate return पाने के लिए tax saving FD में निवेश करे। करदाताओ के लिए यह एक आदर्श निवेश विकल्प, जो जोखिम वाले साधनों में अपने पैसे का निवेश करना चाहते हैं और tax में बचत करते हैं।
  2. PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड): – सेक्शन 80C इनकम टैक्स के मुताबिक पीपीएफ निवेश के लिए एक सबसे अच्छा विकल्प होता है। चूंकि यह योजना 15 साल के लिए होती है और सरकार द्वारा स्थापित की गई बचत योजना है, इसलिए PPF में न केवल आपका पैसा सुरछित रहता है, बल्कि गारंटी रिटर्न भी आपको मिलता है। पीपीएफ पर मिला ब्याज कर मक्त (tax free)होता है।
  3. ईएलएसएस फंड (ELSS Mutual Fund):– ईएलएसएस या इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम, आपको धारा 80C के तहत आयकर कटौती (Income tax return) पर बचत करने में मदद कर सकती हैं।
  4. एनएससी (राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र): धारा 80C कटौती के तहत से चुनने का एनएससी अभी तक विश्वशनीय विकल्प माना जाता है। इसमें आपको मिलने वाला ब्याज 1.5 लाख रुपये की सीमा के भीतर होता है।
  5. लाइफ इंश्योरेंसप्रीलमयम: –अगर यदि आप अपने और अपने जीवनसाथी या अपने बच्चों के लिए जीवन बीमा पॉलिसियों के लिए नियमित भुगतान  करते है , तो आप प्रीमियम पर कटौती का दावा कर सकते हैं।
  6. गहृ ऋण चुकौत (Home Loan):– आपके होम लोन पर मूल राशि के पुनर्भुगतान के लिए भुगतान किएगए प्रीमियम पर कर कटौती (tax return) के दावा किया जा सकता है ।
  7. ट्यूशन फीस का भुगतान: –अपने, और अपने जीवनसाथी या अपने बच्चों के लिए ट्यूशन फीस का भूगतान , आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कर कटौती (tax return) के लिए योग्य होते है।
  8. ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि): –कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) निवेष कर कटौती (tax return) के लिए उत्तरदायी होता है।
  9. सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम:– एससीएसएस में किए गए निवेश द्वारा धारा 80CC इनकम टैक्स के तहत किया जा सकता है।

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आयकर अधिनियम की धारा 80CCC | Income Tax Act 80CCC in Hindi  

धारा 80CCC आयकर कटौती एक व्यक्ति द्वारा पेंशन योजना के लिए किए गए योगदान के संबंध में है। भारत में धारा 80C को ,संपूर्ण सामग्री प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप इसने कर नियोजन (tax planning) को थोडा बिझिल बना दिया।इस तरह, धारा 80C को कई भागों में बाटा गया था, जिनमें से एक धारा 80CCC है। धारा 80CCC के तहत वार्षिकी योजनाओं/ सेवानिवृत योजनाओं (Annuals plan / retirement plan)  को खरीदने या जारी रखने के लिए अर्जित खर्चों (Earned expences) पर कर लाभ अच्छी तरह से परिभाषित हैं, जिससे पात्र निवेशकों (Investers) को अधिक लाभ प्राप्त करने की अनुमति मिलती  है।

धारा 80CCC के तहत कर कटौती

अब जानते है धारा 80ccc के तहत tax return क्या है?
तो इसमें एक व्यक्तिगत करदाता जिन्होंने अनुमोदन बीमा कंपनियों द्वारा प्रस्तावित  एक वर्षीय पेंशन योजना की सदस्यता ली है उन्हे टैक्स देने में कुछ राहत दी जाती है।
 यहां याद रखने के लिए कुछ बाते हैं: 

  1. इस योजना से अर्जित ब्याज (Earned interest or Bonus Return) या बोनस कटौती के लिए योग्य नही माना जाता हैं।
  2. योजनाके खतम के बाद प्राप्त राशि पर टैक्स लगता है।
  3. योजना के बाद जो प्राप्तपेंशन राशि होती है उस पर टैक्स लगाया जाता है।

आयकर अधिनियम की धारा 80CCD

आयकर अधिनीयम, 1961 की धारा 8CCD के तहत, केंद्र सरकार द्वारा पेश पेंशन योजनाओं में किया गया योगदान कर कटौती (tax Return) के लिए योग्य होते हैं।इसमें मुख्य रूप से राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) और अटल पेंशन योजना (APS) आती है ।

इस धारा 80CCD के दो भाग हैं:–

आयकर धारा 80सीसीडी (1): –यह केंद्र सरकार/अन्य/नियोक्ता (Employer)/स्वरोजगार (A businessman) के कर्मचारियो के लिए कर कटौती (tax returns) से संबंधित है।वेतन कर्मचारियों को ,वेतन के अधिकतम 10% की कटौती का लाभ मिलता है।स्वनियोजित (Businessman) कर-दाताओ को सकल आय (Net Income) का 10% की कटौती दिलाई जाती है।


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आयकर धारा 80सीसीडी (2): –यह मुख्यरूप से राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के प्रति  Employer  के योगदान से संबंधित है। एक कर्मचारी कटौती का दावा कर सकता है । यदि उसका नियोक्ता, उस कर्मचारी के NPS खाते में भुगतान करता है। यह सीमा कर्मचारी के वेतन का 10 % है।

आयकर धारा 80CCD (1B):– NPS में किए गए निवेश के लिए धारा 80CCD (1B) के तहत 50,000 रुपये का अतिरिक्त कर-लाभ (extra tax profit) संभव है। इस प्रकार,एक करदाता को, कुल कर बचत 2,00,000 रुपये तक मिल सकता है।

आयकर धारा 80CCD के तहत कर कटौती का दावा करने के पात्र व्यक्ति

  1. भारत निवासी व्यक्ति ,चाहे वह वेतनभोगी (job person) और स्वनियोजित (Businessman) हो , दोनोइस धारा के तहत कर कटौती का दावा कर सकते हैं।
  2. एनआरआई (NRI) सहित भारत के नागरिक इस योजना के तहत कर लाभ का दावा कर सकते हैं।
  3. HUF (हिंदू अविभाजित परिवार) धारा 80CCD कटौती के तहत कर कटौती का दावा करने के लिए योग्य नही होते हैं।
  4. एनपीएस , एक केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए अनिवार्य होता है। जबकि अन्य लोगो के लिए यह स्वैच्छिक होती है।

इसके अलाव, करदाता अपने नियोक्ताओं से धारा 80सीसीडी (2) के अनुसार, आपके एनपीएस खाते में योगदान करने के लिए कह सकते हैं। जिससे उस नियोक्ता का योगदान कर्मचारी के वेतन के 10% से अधिक नही हो सकता।

हालाकि, आयकर अधिनियम के अनुसार, नियोक्ता के योगदान की राशि पर मौद्रिक शर्तो (Money Condition) में कोई  सीमा नही तय है, जो कर से मुक्त (Tax free) होगी।

इस 10% की गणना के लिए वेतन (Salary) को specifically परिभाषित किया गया है। क्योंकि वेतन में महंगाई भत्ता (dearness allowance) भी शामिल होता है, यदि रोजगार की शर्ते ऐसा प्रदान करती हैं, जिनपर धारा 80सीसीडी लागू नही होता ।

निष्कर्ष:

आशा करता हूँ आप सभी को Section 80C Income Tax Act 1961 , 80CCC और 80CCD  की जानकारी जरूर होगई होगी। इस  जानकारी को अपने परिवार और दोस्तों के बीच जरूर साझा करें। जानकारी में किसी तरह के बदलाव के लिए हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। 
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धन्यवाद!